नहर का वीडियो बनाते समय कार सवार पिता-पुत्र और एक मासूम इंदिरा गांधी नहर में डूब गए। पिता-पुत्र मोबाइल बाहर निकालकर वीडियो बना रहे थे उसी समय कार बेकाबू होकर इंदिरा गांधी नहर में गिर गई। हादसे की सूचना पर तलवाड़ा झील और टिब्बी पुलिस मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ टीम और लोकल गोताखोरों की मदद से करीब साढ़े 3 घंटे की मशक्कत के बाद तीनों के शवों को बाहर निकाला गया। हादसा हनुमानगढ़ जिले की टिब्बी थाना क्षेत्र में राठी खेड़ा गांव के नजदीक आईजीएनपी नहर में सुबह करीब सवा 8 बजे हुआ।
टिब्बी थानाप्रभारी जगदीश पाण्डर ने बताया कि सुबह राठी खेड़ा तलवाड़ा झील के मध्य इंदिरा गांधीनहर के पुल के पास दो लोगों के कार सहित गिरने की सूचना मिली थी। जिसके बाद तलवाड़ा पुलिस और टिब्बी पुलिस मौके पर पहुंची। करीब 9 बजे हनुमानगढ़ एसडीआरएफ टीम और लोकल गोताखोरों ने कार सवार लोगों की तलाश शुरू की। करीब साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद करीब साढ़े 12 बजे डूबने वाली जगह से कार सवार लोगों के शवों को बाहर निकाल लिया गया।
मृतकों की पहचान सानीब अली (18), ईमाम मरगूब आलम (52) और मोहम्मद हसनैन (5) के तौर पर हुई है। सानीब अली, ईमाम मरगूब आलम का बेटा है। वहीं, मोहम्मद हसनैन ईमाम मरगूब आलम के बड़े बेटे का बच्चा था। शवों को टिब्बी अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। मृतक पास के ही राठी खेड़ा गांव के रहने वाले थे।
तलवाड़ा थाने में तैनात एएसआई हंसराज ने बताया कि मौके पर प्रत्यक्षदर्शी रविन्द्र ने पुलिस को बताया कि एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार नहर के किनारे पर आई थी।
कार में सवार सानिब अली शीशे से हाथ बाहर निकाल कर वीडियो बना रहा था। उसके बाद वो नीचे उतर कर दूसरी साइड में बैठ गया। इस दौरान ड्राइवर सीट पर बैठे ईमाम मरगूब आलम ने मोबाइल बाहर निकालकर वीडियो बनाने का प्रयास किया, तभी कार नहर में जा गिरी। हालांकि परिजनों को कहना है की सानीब अली अपने पिता ईमाम मरगूब आलम को कार चलाना सिखा रहा था, तभी हादसा हो गया।
पुलिस ने बताया की ईमाम मरगूब आलम राठी खेड़ा गांव की दरगाह में ईमाम थे। सानीब अली अभी 12वीं की पढ़ाई कर रहा था।
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