बीकानेर। अपराध और लूट की वारदातों में पुलिस की सक्रियता कितनी अहम होती है, इसका सबसे बड़ा उदाहरण मुक्ता प्रसाद थाना क्षेत्र में देखने को मिला। जहां नकली पिस्टल दिखाकर 8 लाख रुपये लूटने वाले लुटेरे पुलिस के डर से खुद ही पैसे लौटाने पर मजबूर हो गए।
कैसे हुई अनोखी लूट और फिर वापसी?
जानकारी के मुताबिक, सिमरन और समीर नाम के दो युवक मो. साजिद से 2 लाख रुपये लेने आए थे। लेकिन लालच में आकर उन्होंने नकली पिस्टल दिखाकर पूरे 8 लाख रुपये लूट लिए। यह पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई।जब मामला थाना पहुंचा, तो थानाधिकारी धीरेन्द्र सिंह शेखावत ने बिना वक्त गंवाए तेजी से कार्रवाई शुरू कर दी। जांच और दबिश की भनक लगते ही घबराए लुटेरों ने खुद पीड़ित को फोन कर पैसे वापस कर दिए।मजे की बात यह है कि अब खुद पीड़ित साजिद भी FIR देने से बच रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है, लेकिन यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि जब खाकी का खौफ कायम हो, तो अपराधी खुद ही कदम पीछे खींच लेते हैं। हालांकि इस मामले में पुलिस की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई के चलते लूट की यह वारदात विफल हो गई। इस नाटकीय घटनाक्रम के बाद यह सवाल भी उठता है कि आखिर पीड़ित FIR दर्ज कराने में इतना क्यों झिझक रहा है? कहीं यह सिर्फ पैसे का लेन-देन मामला तो नहीं? फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
जो भी हो, यह मामला यह भी दिखाता है कि अगर पुलिस तुरंत हरकत में आए, तो अपराधियों का हौसला पस्त करने में देर नहीं लगती। यही खाकी की असली ताकत है!
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