बीकानेर के बल्लभ गार्डन में फैमिली सुसाइड मामले में दूसरे दिन भी पुलिस ये पता नहीं कर पाई कि मां-बेटी की मौत कैसे हुई। पुलिस शुक्रवार को घर की तलाशी पूरी नहीं कर पाई। एसपी, एएसपी और सीओ तक खत्री के घर पर नहीं पहुंचे। जो पुलिसकर्मी पहुंचे उन्हें कोई ठोस सबूत नहीं मिल पाया है। उधर, पत्नी और बेटी की पोस्ट मार्टम रिपोर्ट भी शुक्रवार को नहीं मिली है। दरअसल, अभी पुलिस को ये पता लगाना है कि पत्नी और बेटी की मौत कैसे हुई, क्योंकि उनकी लाश कमरे के बाहर पड़ी हुई मिली थी।
करीब पंद्रह दिन पहले नितिन खत्री ने अपने कमरे में सुसाइड कर लिया था। माना जा रहा है कि सुसाइड करने से पहले उसने पत्नी और बेटी को मारा था। प्रथम दृष्टया दोनों को जहर दिया गया था। ये जहर दोनों ने जानबूझकर खुद खाया है या फिर इन्हें धोखे से दिया गया? इसका पता लगाया जा रहा है। अगर जहर जानबूझकर खाया है तो नितिन ने स्वयं फंदा क्यों लगाया? इसका जवाब भी अब तक पुलिस के पास नहीं है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि पूरा घटनाक्रम क्या रहा है और तीनों की मौत कितने दिन पहले हुई।
नहीं मिला सुसाइड नोट
अब तक पुलिस को इस पूरे मामले में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। दरअसल, जिस दिन पुलिस को घटना का पता चला, उस दिन घर में बदबू थी। दस-पंद्रह दिन पुरानी तीन लाशें पूरी तरह सड़ चुकी थी। ऐसे में पुलिस अब यहां सेनेटाइजेशन करवाएगी। बदबू कम होने के बाद ही पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंचकर छानबीन कर सकेगी। पुलिस का पहला प्रयास सुसाइड नोट का पता लगाना है। अगर सुसाइड नोट मिलता है तो पूरी कहानी स्पष्ट हो जाएगी।
हथौड़े की भूमिका तय नहीं
पुलिस अभी ये तय नहीं कर पाई है कि मौके पर मिला हथौड़ा हत्या में उपयोग लिया गया था या नहीं? दरअसल, सिर पर ऐसा कोई वार दिखाई नहीं दिया, जिससे हत्या हो। हथौड़े से सिर पर वार करने से ही हत्या हो सकती है। पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर का कहना है कि हो सकता है कि घाव इतने दिनों में सड़ चुका हो। ऐसे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही तय होगा कि हत्या कैसे की गई। वहीं विसरा रिपोर्ट आने पर स्पष्ट होगा कि जहर दिया गया था या नहीं?
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